आजुक दैनिक जागरण,दिल्ली संस्करण मे सुरेंद्र प्रसाद सिंह केर रिपोर्ट मे जं विश्वास करी तं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी (मनरेगा) में अकुशल मजदूर सभहक साथ आब इंटर पास युवकलोकनि कें सेहो रोजगार भेटत। केंद्र सरकार ढाई लाख सं बेसी शिक्षित युवा कें गामे मे रोजगार देबाक योजना तैयार कएने अछि। एहि सं रोजी-रोटी कें तं इंतजाम हेबे करतैक, मनरेगा के काजक निगरानी सेहो हेतैक। मनरेगा में लोकसेवक आ लोककर्मी योजना केर मसौदा पर ग्रामीण विकास मंत्रालय लोकसभ सं राय लेने अछि। प्रस्ताव पर फैसला लेबाक लेल एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित कएल गेल छैक जाहिमें राज्य सभहक ग्रामीण विकास सचिवों कें संग गैर- सरकारी संगठन कें सेहो राखल गेल छैक। लोकसेवक आ लोककर्मी केर नियुक्तिक उद्देश्य मनरेगा कें श्रमिक सभकें जागरूक बनाएब आ बैंक तथा डाकघरक साथ समन्वय करब छैक। लोककर्मी अशिक्षित ग्रामीण मजदूर सबहक आवेदन सेहो लिख सकताह। मसौदा कें अनुसार, लोकसेवक के रूप में ग्रामीण क्षेत्रों में काम कएनिहार गैर- सरकारी संगठन (एनजीओ) कें प्राथमिकता देल जाएत। एही एनजीओ सभ कें लोककर्मीलोकनिक नियुक्ति केर अधिकार रहत। प्रत्येक पंचायत में लोककर्मी केर नियुक्ति हएत, जाहि लेल इंटर पास हएब जरूरी रहत। उपलब्ध नहि भेला पर आठम पास कें सेहो राखल जा सकैछ। अभ्यर्थी ओही गामक हेबाक चाही। ओकरा हर महीना अथवा हर दू महीना पर एकमुश्त मानदेय देल जेतैक। ई राशि राज्य कें कुशल मजदूरों के भेटएवला न्यूनतम मजदूरी सं कम किन्नहु नहि हएत। मानदेयक बंदोबस्त मनरेगा में आवंटित छह फीसदी प्रशासनिक खर्च सं कएल जाएत। देश कें कुल 2.52 लाख ग्राम पंचायतें छैक, जाहि मे ई नियुक्ति हएत। लोककर्मी केर नियुक्ति में 50 फीसदी आरक्षण महिला सभहक लेल रहतैक। अनुसूचित जाति व जनजाति के साथ अल्पसंख्यक सभ कें प्राथमिकता देल जाएत।
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